नक्षत्र एवं उनके प्रकार -1

नक्षत्र : दृष्टी के आधार पर नक्षत्रों को तीन श्रेणियों में बाँटा गया है : १. अधोमुखी नक्षत्र  २. उर्ध्वमुखी नक्षत्र  ३. त्रियांगमुखी नक्षत्र अन्य विशिष्ट श्रेणियों के अन्य नक्षत्र तीन भागों में बांटे गए हैं | १. पंचक संज्ञक … Read More

नक्षत्र एवं उनके प्रकार

 नक्षत्र : आकाश में कई लघु तारा समूह आकृति में अश्व, स्वान, सर्प, मृग, हाथी, जैसे दिखाई देते हैं उन्हें नक्षत्र कहते हैं | ये नक्षत्र पृथ्वी मार्ग में चन्द्र द्वारा तय की गयी दूरी प्रकट करते हैं | एक नक्षत्र … Read More

केन्द्रेश – त्रिकोनेश योग फल

केन्द्रेश – त्रिकोनेश योगफल : १. लग्नेश – चतुर्थेश सम्बन्ध से सुखी जीवन के बारे में जानकारी मिलती है | २. लग्नेश – पंचमेश सम्बन्ध से विद्वान् एवं बुद्दिमान होने की जानकारी मिलती है | ३. पंचमेश – दशमेश सम्बन्ध … Read More

ग्रहों की स्थिति एवं उनका प्रभाव

गृह एवं उनके स्थान अथवा भाव तथा उनके प्रभाव  :-  सूर्य – प्रथम भाव, नवम भाव, दशम भाव, अथवा स्थान – सूर्य प्रथम भाव का स्वामी होता है एवं प्रथम भाव से शरीर ,रंग ,रूप,स्वभाव, ज्ञान,सुखदुःख,ताकत,बल,स्वास्थ्य,दादी, नाना, पिता, राज्य, हुकूमत, पद … Read More

ग्रह एवं उनका बल तथा उनके प्रभाव

ग्रहों का बल :-  ग्रहों का बल ६(छ:) प्रकार का होता है १. स्थान बल  २. दिग्बल अथवा दिशा बल ३. काल बल अथवा समय बल ४. नैसर्गिक बल ५. चेष्टा बल  ६. द्रग्बल अथवा द्रष्टि बल | स्थान बल :व्यक्ति … Read More

ग्रह व उनके प्रकार

ग्रह तथा उनके प्रकार ग्रह : नव ग्रह : सूर्य से दूरी अनुसार क्रमशः बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, गुरु, शनि, अरुण, वरुण, और यम, हैं इनमें अरुण वरुण व् यम पृथ्वी से ज्यादा दूर होने के कारण उनका प्रभाव बहुत … Read More

भाव स्थान व उनके प्रकार

भाव स्थान व् उनके प्रकार भाव अथवा स्थान :भाव या स्थान संख्या में बारह होते हैं और प्रत्येक भाव में एक राशी का निवास होता है | किसी भी भाव में जिस राशि का निवास होता है उस राशी का … Read More

मित्र राशि व शत्रु राशि

मित्र राशियाँ व् शत्रु राशियाँ मित्र राशियाँ :  जब ग्रह अपनी किसी मित्र राशी को ग्रहण करते हैं | उस स्थिति में ग्रह अपने आप को परिणाम देने में अत्यधिक स्वतंत्र व् समर्थ पाते हैं , परन्तु ग्रह प्रबल अवस्था … Read More